Monday, September 7, 2026

रेजांगला रज कलश यात्रा कछार में भी निकली, जिले भर के अहीर समाज ने किया स्वागत 

  • अहीर रेजिमेंट की स्थापना की मांग को बुलंद किया

वर्ष 1962 के रेजांगला युद्ध में शहीद हुए वीर अहीर सैनिकों की स्मृति में भारत भ्रमण पर निकला पवित्र रज कलश यात्रा रविवार को कछार जिले में विभिन्न इलाकों, चाय बागानों से गुजरा। अहीर ( यादव/ ग्वाला ) समाज ने जोरदार स्वागत किया। कलश पर फूल माला चढ़ाकर वीर अहीर शहीदों को नमन किया।

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अहीर रेजिमेंट की स्थापना की मांग को बुलंद किया। सिलचर शहर के मेहरपुर शिव मंदिर से सुबह दस बजे विधिवत पूजा अर्चना, पुष्पांजलि व जयघोष के साथ प्रारंभ हुई यात्रा पहले पड़ाव में, अन्नपूर्णा ब्रिज होते मासिमपुर द्वितीय खंड, डोलू, हातीचेरा, उधारबंद, काशीपुर, बदरीबस्ती होकर पैलापुल पहुंची। प्रत्येक जगहों पर भव्य स्वागत हुआ। जय माधव जय यादव के के साथ भारत माता की जय के नारे लगे। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा द्वारा आयोजित रज कलश यात्रा राज्य में असम प्रदेश यादव महासभा और युवा यादव महासभा के नेतृत्व में हो रहा है।

अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के उपाध्यक्ष तथा उड़ीसा प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार दास यादव, महासचिव रमेश राव पायलट, संगठन मंत्री, नार्थ ईस्ट तथा झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष पीतांबर दास यादव सहित असम यादव महासभा के अध्यक्ष राजदीप ग्वाला, पूर्व अध्यक्ष कुंजबिहारी ग्वाला, आजीवन सदस्य सुवचन ग्वाला, प्रदेश युवा यादव महासभा के अध्यक्ष भोलानाथ यादव, रज कलश यात्रा के संयोजक रत्नेश्वर ग्वाला, संयोजक चंद्रशेखर ग्वाला, सह – संयोजक पप्पू यादव समेत जय प्रकाश ग्वाला, पन्ना लाल यादव, लालन प्रसाद ग्वाला, जयद्रथ ग्वाला आदि की उपस्थिति रही।

पैलापुल में सभा का आयोजन किया गया। जिले भर के अहीर समाज की भागीदारी रही। राजदीप ग्वाला अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए गौरव का पल है कि शहीदों को नमन कर पा रहे है। पवित्र रज कलश केवल एक यात्रा नहीं बल्कि यादव समाज के लिए गर्व करने का दिन है। यह उनका सौभाग्य है कि यादव महासभा का राष्ट्रीय नेतृत्व असम में भी यात्रा के तहत पहुंचा और उन्हें इस ऐतिहासिक क्षण देखने, देश के लिए बलिदान हो चुके बलिदानियों को पुष्पांजलि करने का लाभ मिला।

मालूम हो कि यह पवित्र अस्थि कलश 13 अप्रैल को छपरा से चला है और बिहार सहित झारखंड, ओडिशा, बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल,तेलंगाना, महाराष्ट्र,गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश हरियाणा में भी यात्रा चल रही अथवा संपन्न हो गई है। इस क्रम में पूर्वोत्तर में रज कलश यात्रा जारी है। आगामी 18 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंच कर समाप्त होगा।

यादव महासभा के महासचिव रमेश राव पायलट और राष्ट्रीय संयोजक तथा संगठन मंत्री, नॉर्थ ईस्ट पीतांबर दास यादव ने अपने संबोधन में इस यात्रा के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की 1962 में कश्मीर के रेजांगला घाटी में कुमाऊं रेजिमेंट के चार्ली कंपनी के 120 निहत्थे अहीर सैनिक ने लगभग चीनी सैनिक के तीन हजार सैनिकों से लोहा लेते हुए 114 अहीर सैनिक ने अपनी जान की आहुति दी और भारतीय सीमा से खदेड़ दिया।

अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा द्वारा निकाली गई इस कलश यात्रा का उद्देश्य देशभर में भारत माता के वीर सपूतों की वीरता की दास्तान जन जन तक पहुंचाने के साथ साथ अलग से अहीर रेजिमेंट की स्थापना की मांग बुलंद करना भी है। आगामी कल श्रीभूमि जिले में इस यात्रा का आयोजन किया गया है। त्रिपुरा में उनका कार्यक्रम है। पैलापुल आयोजित जनसभा का संचालन लालन प्रसाद ग्वाला ने किया। उसके बाद यात्रा दिलखुश, डाक्टर बागान, बिन्नाकांदी, छोटा मामदा, खालकुड़ी, एनआईटी, सिलचर, बारिकनगर होकर पुनः समापन हुई।

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