Monday, September 7, 2026

शिलोंग और गुवाहाटी से जोड़ने वाला गैमन ब्रिज खुल गया, राज्य के दो मंत्री कौशिक राय और कृष्णेंदु पाल ने किया उद्घाटन, बराक घाटी, त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर की लाइफ लाइन है यह ब्रिज

  • बराक नदी पर बने सबसे महत्वपूर्ण पुल के फिर से खुलने से बराक घाटी और पड़ोसी राज्यों के हज़ारों यात्रियों को भारी राहत मिली है, जिससे व्यापार, परिवहन और दैनिक जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग बहाल हुआ है। 

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असम की बराक घाटी, त्रिपुरा, मिजोरम एवं मणिपुर को शिलोंग और गुवाहाटी से जोड़ने वाला गैमन ब्रिज पर हल्के मोटर वाहन का चलना शुरू हुआ। लगभग दो महीने से इस ब्रिज का मरम्मतीकरण कार्य चल रहा था। असम के दो मंत्री कौशिक राय और कृष्णेंदु पाल ने फीता काट कर औपचारिक उद्घाटन किया।

उल्लेखनीय है कि ब्रिज की अवस्था बहुत जर्जर था। नतीजतन ब्रिज पर वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया था। गत 21 मई से 15 जुलाई दोपहर तक इस ब्रिज पर वाहनों का चलना बंद था। एनएचआईडीसीएल ने मरम्मतीकरण कार्य दो महीने से पहले ही पूर्ण किया। ब्रिज का उद्घाटन करने के बाद मंत्री कौशिक राय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के तत्परता से इस ब्रिज का मरम्मतीकरण कार्य निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण हो गया। दो महीने के लिए इस ब्रिज को बंद किया गया था। एनएचआईडीसीएल ने 55 दिन में ही मरम्मत कार्य पूरा कर लिया।

मंत्री ने कहा कि यह ब्रिज बराक घाटी, त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर के एक बड़े हिस्से की लाइफ लाइन है। 55 दिन यह ब्रिज बंद होने की वजह से बराक घाटी और उपरोक्त राज्य के निवासियों को अनेक असुविधाएं हुई है। व्यापार पर असर पड़ा। स्कूली व कालेज के छात्रों को परेशानी हुई है। इतने कठिन परिस्थिति में जनता ने धैर्य रखा वे उनका कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। उन्हें ख़ुशी हो रही है कि ब्रिज को हल्के मोटर वाहनों और बसों के लिए खोल दिया दिया गया है।

अगले तीन दिन तक बस और एलएमबी चलने की अनुमति होगी। उसके बाद सड़क विशेषज्ञों द्वारा ब्रिज का लोड टेस्ट किया जाएगा, उसके बाद सभी प्रकार के वाहन चल पाएंगे। मंत्री ने कहा कि उन्होंने ध्यान दिया है कि इस ब्रिज पर क्षमता से अधिक लोड वाहन चलते हैं। ओवरलोडेड ट्रक पर अंकुश लगना ज़रूरी है। इस परिप्रेक्ष्य में वह अपने सहयोगी मंत्री कृष्णेंदु पाल के साथ डीसी, एसपी, डीटीओ और अन्य संबंधित विभागों के साथ एक बैठक की है। उन्होंने निर्देश दिया है कि ओवरलोडेड ट्रकों के संचालन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

ओवरलोडिंग एक गंभीर समस्या है जो सड़क सुरक्षा, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाती है। इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन ट्रकों में ओवरलोड बॉडी बना हुआ उसे हटाया जाना चाहिए। ओवरलोड ट्रकों की वजह से केवल गैमन ब्रिज ही नहीं क्षेत्र के कई प्रमुख पुलों को हानि पहुंचती है। पुल कमजोर हो जाते है। मंत्री ने आगे कहा कि आने वाले दिनों में कनेक्टिविटी के क्षेत्र व्यापक बदलाव एवं सुधार दिखाई देगा। पंचग्राम बाईपास पर सेतु का निर्माण चल रहा। सेतु का काम 45 प्रतिशत हो चुका है।

बदरपुर बाईपास पर भी एक पुल निर्माण का काम जारी है, जो 32 से 33 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। अगले एक वर्ष में उपरोक्त दोनों पुलों का काम पूर्ण हो जाएगा। उन्होंने बताया कि उपरोक्त दोनों फोर लेनिंग पुल बन रहा है। इन दोनों पुलों के निर्माण बाद गैमन ब्रिज का लोड कम हो जाएगा। सिलचर से चोराईबाड़ी तक फोर लेनिंग रोड निर्माण का काम जारी है। लगभग सात हज़ार करोड़ पॅकेज का काम चल रहा है। पंचग्राम ( असम बराक घाटी ) से बड़ापनी ( रिभोई, मेघालय ) तक एक्प्रेस हाई स्पीड कॉरिडोर ( फोर लेन रोड ) का काम शुरू होगा। मंत्री ने कहा कि आगमी तीन से चार वर्षों में सड़क कनेक्टिविटी के मामले में कोई परेशानी नहीं रहने वाला।

सिलचर से चोराईबड़ी, सिलचर से जिरीबाम और सिलचर वैरेगटी फोर लेन के साथ हाई स्पीड एक्सप्रेस कॉरिडोर ( पंचग्राम – बड़ापनी ) के रूप में तोहफे में मिल जाएगा। यातायात समस्या से निजात मिल जाएगा। उल्लेखनीय है कि आगामी 20 जुलाई को हारंग नदी पर वैली ब्रिज भी खुल जाएगा। पिछले महीने यहां हारंग पुल ढह गया था, जो  सिलचर कलाइन मार्ग पर स्थित है। फिलहाल गैमन ब्रिज के संबंध में मंत्री कौशिक राय ने कहा कि मरम्मत के दौरान इस क्षेत्र के लोगों के अपार धैर्य के लिए उनकी भी सराहना करना चाहता हूँ।

उनकी समझ, सहयोग और सरकार में विश्वास ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है। आज हमें गर्व है कि हम जनता सेवा के लिए पुल को पहले से कहीं अधिक मजबूत और सुरक्षित रूप से पुनः खोल रहे हैं। मंत्री कृष्णेंदु पाल ने कहा कि इस पुल के पुनः खुलने को बराक घाटी के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण और सरकार द्वारा अपने वादों को निभाने का एक उपयुक्त उदाहरण बताया। चुनौतियों का सामना करते हुए, सरकार ने निर्णायक रूप से कार्य किया और यह सुनिश्चित किया कि इस महत्वपूर्ण पुल का न केवल समय से पहले, बल्कि उच्च सुरक्षा मानकों के साथ जीर्णोद्धार हो।

यह वास्तविक प्रगति है जिससे प्रत्येक नागरिक को लाभ होता है।” मंत्री पॉल ने परियोजना को प्राथमिकता देने के लिए मुख्यमंत्री के साथ-साथ मरम्मत कार्य पूरा करने के लिए दिन-रात काम करने वाले इंजीनियरों, श्रमिकों और अधिकारियों का भी हार्दिक धन्यवाद किया। यह उल्लेखनीय है कि बराक नदी पर बने सबसे महत्वपूर्ण पुल के फिर से खुलने से बराक घाटी और पड़ोसी राज्यों के हज़ारों यात्रियों को भारी राहत मिली है, जिससे व्यापार, परिवहन और दैनिक जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग बहाल हुआ है।

योगेश दुबे

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