Monday, September 7, 2026

असम में अवैध रूप से कब्जा की गई सरकारी ज़मीन को वापस दिलाने की पहल के समर्थन और राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए भाजपा का रोड मार्च 

  • बराक घाटी की तीनों जिलों हुआ आयोजन

असम में अवैध रूप से कब्जा की गई सरकारी ज़मीन को वापस दिलाने की पहल के समर्थन और राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए बराक घाटी की तीनों जिलों में भाजपा द्वारा मार्च निकाला गया। कछार, श्रीभूमि और हैलाकांदी में भाजपा के जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में रोड मार्च हुआ।

कछार में सिलचर शहर में पार्टी के जिला अध्यक्ष रूपम साहा की अगुवाई में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री जिंदाबाद के नारे लगाए। सिलचर के सांसद परिमल शुक्लवैद, राज्यसभा सांसद कणाद पुरकायस्थ, विधायक दीपायन चक्रवर्ती, मिहिर कांति सोम, महासचिव गोपाल राय सह अन्य लोगों की उपस्थिति रही। सरकारी ज़मीन को मुक्त कराने के लिए भाजपा की कछार इकाई और असम प्रेमी समाज की संयुक्त पहल पर मंगलवार को सिलचर शहर में एक भव्य मार्च निकाला गया।

राज्य में धार्मिक और ऐतिहासिक क्षेत्रों सहित सरकारी भूमि, आरक्षित वन, जल निकायों, पीजीआर, वीजीआर को मुक्त करने के लिए डॉ शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को धन्यवाद दिया गया। सरकारी भूमि, आरक्षित वन, जल निकायों, पीजीआर, वीजीआर को मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देने के लिए इटखोला भाजपा कार्यालय से शुरू मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से हुए गोलदिही मॉल के सामने एकत्रित हुए और भाषण बाद समापन हुआ।

राज्य सरकार की भूमिका की जमकर सराहना की गई। यह आशा व्यक्त की कि अवैध भूमि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सरकार का बेदखली अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। श्रीभूमि जिले में सुबह ज़िला कार्यालय से शुरू हुआ यह मार्च शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अंबेडकर पार्क में समाप्त हुआ। श्रीभूमि शहर में उत्साह का माहौल था, सड़कों पर पार्टी के झंडे, बैनर और देशभक्ति के नारे लगे हुए थे। “हमें क़ानून का राज चाहिए, ज़मीन पर अतिक्रमण नहीं”, “हिमंत जी, आगे बढ़ो, हम आपके साथ हैं” – रास्ते भर नारे गूंजते रहे।

इस मार्च के माध्यम से भाजपा ने यह जताया कि असम के गोरुखुटी, लखीमपुर, धुबरी और ग्वालपाड़ा के पैकान इलाकों में अवैध रूप से कब्ज़ा की गई सरकारी ज़मीन को वापस दिलाने के लिए भाजपा सरकार द्वारा उठाए जा रहे कड़े कदम न केवल क़ानून की रक्षा के लिए हैं, बल्कि आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए भी हैं। मार्च के बाद अंबेडकर पार्क में एक विचार-विमर्श सभा का आयोजन किया गया।

राज्य के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा मंत्री कृष्णेंदु पाल भी वहाँ उपस्थित थे। उन्होंने कहा, “लंबे समय से ज़मीनों पर अवैध कब्जा था, मुख्यमंत्री डॉ.शर्मा ने उन्हें वापस लाकर सरकार की ज़िम्मेदारी साबित की है। यह सिर्फ़ एक प्रशासनिक कदम नहीं है, बल्कि लोगों के अधिकारों की बहाली है।” पूर्व सांसद मिशन रंजन दास ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जहां पिछली सरकारें लापरवाही और राजनीतिक स्वार्थों के कारण चुप रहीं, वहीं वर्तमान सरकार साहसपूर्वक काम कर रही है।

भूमि अतिक्रमण को रोककर न्याय स्थापित करने की यह यात्रा जारी रहनी चाहिए। आज का मार्च और सभा भाजपा की ओर से एक कड़ा संदेश था कि अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बेदखली अभियान जारी रहेगा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आम लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति, उत्साह और सहज भागीदारी ने साबित कर दिया कि भाजपा का यह कार्यक्रम जनसमर्थन का ज्वलंत प्रतिबिंब है।

Popular Articles