Saturday, April 18, 2026

हिंदी रोजगार की भाषा है : प्रो. पार्थ सारथी पाण्डेय

  • शंकरदेव कॉलेज, शिलांग के स्नातक छात्रों के लिए आयोजित प्रथम हिंदी भाषा संचेतना शिविर पाठ्यक्रम के समापन समारोह में प्रतिभागी विद्यार्थियों को हिंदी भाषा को सीखने के लिए प्रेरित किया

केंद्रीय हिंदी संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र : शिलांग के निदेशक एवं पाठ्यक्रम संयोजक प्रो.पार्थ सारथी पाण्डेय ने मेघालय राज्य के शंकरदेव कॉलेज, शिलांग के स्नातक छात्रों के लिए आयोजित प्रथम हिंदी भाषा संचेतना शिविर पाठ्यक्रम के समापन समारोह में प्रतिभागी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें हिंदी भाषा को सीखने के लिए प्रेरित किया ।

दिनांक 19-09-2025 को प्रो. पार्थ सारथी पाण्डेय, क्षेत्रीय निदेशक एवं संयोजक की अध्यक्षता में समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शंकरदेव कॉलेज के प्रो. काशीनाथ उपस्थित थे। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो.पार्थ सारथी पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए बधाई प्रेषित की। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों को हिंदी के प्राप्त ज्ञान का अभ्यास भविष्य में करना आवश्यक है जिससे उनकी हिंदी भाषा के ज्ञान वृद्धि होतीरहे। उन्होंने कहा कि हिंदी भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है जो नौकरी प्राप्त करने तथा व्यापार आदि में बहुत सहायक सिद्ध होगी।

उन्होंने कहा विद्यार्थी जीवन में हर विषय में रुचि रखनी चाहिए और जहाँ से ज्ञान मिले प्राप्त करना चाहिए।मुख्य अतिथि प्रो. काशीनाथ ने कहा कि पूर्वोत्तर में द्वितीय या तृतीय भाषा के रूप में हिंदी सीखने में व्याकरण, आदि की समस्या आती है। उन्होंने केंद्रीय हिंदी संस्थान, शिलांग केंद्र का शंकरदेव कॉलेज में पाठ्यक्रम करवाने के लिए धन्यवाद प्रेषित किया और भविष्य में भी ऐसे पाठ्यक्रम आयोजित करने के लिए आशा प्रकट की। उन्होंने कहा कि भारत एक बहुभाषीय देश है जिसमें संस्कृतिक विविधताएं देखने को मिलती हैं। पाठ्यक्रम प्रभारी डॉ. मयंक ने भाषा संचेतना शिविर पाठ्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

अतिथि अध्यापक श्री आकाश कुमार, श्री शंभू नाथ पाण्डेय और सुश्री लखमी रानी बोरा ने सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की तथा भविष्य में पूर्ण मनोयोग से हिंदी का अभ्यास करने एवं सीखने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में कई प्रतिभागियों ने पाठ्यक्रम हेतु प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने केंद्रीय हिंदी संस्थान का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्होंने हिंदी सीखी एवं ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने आशा की कि ऐसे पाठ्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किएजाएँगे। प्रतिभागियों ने इसके उपरांत आदरणीय मंच द्वारा प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र दिए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मयंक ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन अतिथि अध्यापक श्री आकाश कुमार ने किया।

कार्यक्रम मेंअतिथि अध्यापक श्री आकाश कुमार, श्री शंभू नाथ पाण्डेय और सुश्री लखमी रानी बोरा,श्री प्रतिभागी विद्यार्थी-गण, शंकरदेव कॉलेज के प्राध्यापक एवं अधिकारीगण तथा शिलांग केंद्र के कर्मचारी उपस्थित थे। इस पाठ्यक्रम का आयोजन दिनांक 08.09.2025 से 19.09.2025 तक शंकरदेव कॉलेज, शिलांग में किया गया। इस पाठ्यक्रम में शंकरदेव कॉलेज, शिलांग के विभिन्न विषयों के स्नातक विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

इस पाठ्यक्रम में अध्यापन कार्य केंद्रीय हिंदी संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक एवं पाठ्यक्रम संयोजक प्रो. पार्थ सारथी पाण्डेय, पाठ्यक्रम प्रभारी डॉ. मयंक तथा अतिथि अध्यापक श्री आकाश कुमार, श्री शंभू नाथ पाण्डेय और सुश्री लखमीरानी बोरा द्वारा किया गया।भाषा संचेतना शिविर पाठ्यक्रम का पंजीकरण दिनांक 08.09.2025 को किया गया। दिनांक 09-09-2025 को आयोजित उद्घाटन समारोह में ऑनलाइन माध्यम से अध्यक्ष के रूप में केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के निदेशक प्रो. सुनील बाबुराव कुलकर्णीजुड़े। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. यूरेका एफ. पी. लिंगदोह, प्राचार्य शंकरदेव कॉलेज, शिलांग उपस्थित थीं।

पाठ्यक्रमके संयोजक केंद्रीय हिंदी संस्थान, शिलांग केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक प्रो. पार्थ सारथी पाण्डेय की विशेष उपस्थिति रही। उद्घाटन कार्यक्रम में प्रो.सुनील बाबुराव कुलकर्णी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में शंकरदेव कॉलेज में भाषा संचेतना शिविर पाठ्यक्रम आयोजित करने हेतु शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की।उन्होंने प्रतिभागी विद्यार्थियों को पूर्ण सामर्थ्य से नियमित रूप से हिंदी सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम पूर्ण करने के उपरांत प्रतिभागी हिंदी भाषा के माध्यम से संप्रेषण करने में सक्षम होंगे। वे सम्पूर्ण भारतवर्ष सेहिंदी के माध्यम से जुड़ने में सफल होंगे।

उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करने केलिए परिश्रम आवश्यक है।  शिलांग केंद्र केक्षेत्रीय निदेशक एवं पाठ्यक्रम संयोजक प्रो. पार्थ सारथी पाण्डेय ने वक्तव्य में कहा कि भाषा में विज्ञान एवं कला के दोनों के गुण होते हैं। हिंदी एक सरल एवं वैज्ञानिक भाषा है। प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रो. पाण्डेय ने कहा कि भाषा सीखने के लिए नियमित रूप से हिंदी का उपयोग करना चाहिए जिससे वे हिंदी सीख सकेंगे और उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से प्रतिभागिता करके पाठ्यक्रम का लाभ उठाने हेतु शुभकामनाएं दीं।

मुख्य अतिथि डॉ.लिंगदोह ने अपने वक्तव्य में केंद्रीय हिंदी संस्थान शिलांग केंद्र को उनके कॉलेज में पाठ्यक्रम आयोजित करने के लिए धन्यवाद प्रेषित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के सभी सत्रों में भाग लेंगे के लिए कहा। उन्होंने कहा सभी भारत के नागरिकों को राजभाषा सीखनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन पाठ्यक्रम प्रभारी डॉ. मयंक ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन अतिथि अध्यापक सुश्री लखमी रानी बोरा ने किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ उद्घाटन कार्यक्रम समाप्त हुआ। कार्यक्रम में डॉ. मयंक, अतिथि अध्यापक श्री आकाश कुमार, श्री शंभू नाथ पाण्डेय और सुश्री लखमी रानी बोरा, श्री प्रतिभागीविद्यार्थी-गण एवं शंकरदेव कॉलेज के प्राध्यापक एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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