पिछले एक महीने में उनके राज्य में कुल 35 मुस्लिम इंफिल्ट्रेशन आए, धरे गए
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा द्वारा शनिवार को दिया गया एक बयान तहलका मचा दिया है। डॉ. शर्मा ने ताजा आंकड़ों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि गत एक महीने में बांग्लादेश की ओर से कोई हिंदू नहीं आया है, जबकि मुस्लिम इंफिल्ट्रेशन का आना दर्ज किया है। पिछले एक महीने में उनके राज्य में कुल 35 मुस्लिम (इंफिल्ट्रेशन ) घुसपैठिए आए है। बांग्लादेश के मौजूदा संकट से सभी अवगत है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने क्या कहा, पूरा वीडियो देखे।
भारत – बांग्लादेश सीमा से मुस्लिम घुसपैठिए प्रवेश कर रहे हैं। असम पुलिस पकड़ भी रही है। कछार जिला आयुक्त कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी। उन्होंने कई मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस वापस भेजने का भी काम किया है। ताजा घटना करीमगंज में हुआ है। दो बांग्लादेशी दबोचे गए। अपितु असम ही नहीं त्रिपुरा और मेघालय में भी धरे जा रहे है।
बीएसएफ के हाथो भी दबोचे जा रहे हैं। इन समस्त मामलों में दिखाई दिया कि उसमें एक भी हिन्दू घुसपैठिए नहीं थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेशी हिंदू अवैध रूप से आ रहे यह केवल एक नकारात्मक माहौल बनाया जा रहा है। दरअसल इसमें सच्चाई कुछ भी नहीं है। हिंदू संघर्ष करने में विश्वास करता है। ऐसे ही वह इस तरफ नहीं आएगा। हिंदू का लंबा इतिहास है। बांग्लादेश में वस्त्र उद्योग बंद हो चुके है। ऐसे में बांग्लादेश से असंख्य लोग अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार कर बैंगलोर, तमिलनाडु जाने का प्रयास कर रहे हैं। सभी एजेंसियों के सतर्कता की वजह धरे जा रहे हैं। बांग्लादेश के मौजूदा स्थिति पर अपने विचार रखते हुए मुख्यमंत्री बोले पड़ोसी राष्ट्र एक अस्थाई सरकार चल रही। शेख हसीना की सत्ता नहीं है। आगे कोई नई सरकार जब आएगी तब उस दौरान क्या के हालत होंगे देखा जाएगा। भारत सरकार इस संबंध में उचित कदम उठाएगी।
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मुख्यमंत्री ने एक बार राज्य में परेश बरुआ के नेतृत्व वाले उल्फा के वार्ता विरोधी गुट के बारे में कहा है। उन्होंने कहा कि वह कभी भी राज्य में परेश बरुआ के नेतृत्व वाले उल्फा के वार्ता विरोधी गुट को कमजोर नहीं आंका है। इस गुट के पास हथियार है, टेक्नोलॉजी है, पर्याप्त उनके पास कैडर है। लेकिन राज्य पुलिस भी शक्तिशाली है। हर स्थिति से निपटने में सक्षम है। परेश बरुआ उनके सवाल का जवाब नहीं दे नहीं सकते, लेकिन वह ( मुख्यमंत्री ) हर सवालों का उत्तर देने में सक्षम हैं। राज्य में सभी अमन एवं शांति और विकास का माहौल होगा, तो उद्योग कारखाने आएँगे।
असम में निवेश आएगा। असम का ही भला होगा। यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरुआ ‘संप्रभुता’ पर चर्चा चाहते हैं, लेकिन ‘संप्रभुता’ पर चर्चा नहीं हो सकती। “उल्फा को तय करना होगा कि कब बातचीत होगी। वह बातचीत के लिए तैयार है, जब भी वे शांति वार्ता करना चाहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में शांति कायम रहे, प्रगति जारी, आगे उल्फा के साथ वार्ता भी शुरू यह एक अच्छा पहल मानते है। वहीं धिंग कांड पर मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने उचित कार्रवाई हेतु निर्देश दिए हैं। असम सरकार इस जघन्य घटना पर दोषियों को छोड़ने वाली नहीं है।
बराक घाटी में हिंदू बंगाली नागरिकता पर पूछे गए सवालों के उत्तर में उन्होंने कहा कि ‘का’ आंदोलन के समय विभिन्न संगठनों बीस लाख बांग्लादेशी कह हल्ला किया। नागरिकता के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू है। अभी तक केवल आठ लोगों ने आवेदन किया। बहुत ज्यादा एक हज़ार या दो हज़ार आवेदन करेंगे यह मान लेते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा बराक घाटी में निवास करने वाले कोई भी हिंदू भाई बांग्लादेशी नहीं हैं। चाय बागान के बारे में किए गए सवालों के उत्तर में कहा खुले मॉडल स्कूलों में शिक्षक नियुक्त होंगे। समय लगेगा।
चूँकि शहर से कोई शिक्षक चाय बागानों के स्कूलों में काम करने हेतु अनिच्छा प्रकट करते हैं। अनेक चाय बागानों में श्रमिकों के हक़ अर्थात न्यूनतम मज़दूरी कम दिए जा रहे इसके बारे में पूछने पर बोले जल्द इसका समाधान किया जाएगा। इसके पूर्व वह जिला अदालत के 150 वर्ष पूर्ति समारोह में उन्होंने हिस्सा लिया। समारोह में बोले युवती दुष्कर्म या महिला उत्पीड़न संबधित मामलों में सुनवाई प्रक्रिया में तेजी आने से कानून के प्रति लोगों में विश्वास बढ़ेगा।
किसी घटना पर विरोध में कमी आएगी। अधिवक्ता समाज से महिला उत्पीड़न मामले में अपराधियों के विरोध में रहने की प्रवृति लानी चाहिए यह विचार रखा। केंद्र ने कानून के क्षेत्र में बहुत सुधार किया है। तीन प्रमुख कानूनों का उदाहरण दिया। आसानी से लोगों को न्याय मिल सके यह प्रयास किया गया है।
योगेश दुबे Yogesh Dubey


