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टाइटन्स की सचिव सोनम जैन ने सभी प्रतिभागियों का किया आभार व्यक्त
मारवाड़ी युवा मंच सिलचर टाइटन्स ने खेल दिवस पर साइक्लोथॉन 4.0 का आयोजन किया गया। इस आयोजन को मारवाड़ी युवा मंच लखीपुर, रोटरी क्लब ऑफ ग्रीनलैंड सिलचर और ग्रेटर सिलचर के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वाले कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें सिलचर के सांसद परिमल शुक्लबैद्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
उन्होंने न केवल इस साइकलिंग इवेंट में हिस्सा लिया, बल्कि पूरे मार्ग को भी पूरा किया। अपने संबोधन में उन्होंने आयोजकों का धन्यवाद किया और फिट इंडिया, हिट इंडिया के महत्व पर जोर दिया, सभी को साइकिल चलाने और फिट रहने के लिए प्रोत्साहित किया। अन्य उल्लेखनीय उपस्थिति में मारवाड़ी सम्मेलन सिलचर के अध्यक्ष मूलचंद बैद, रोटरी क्लब ग्रेटर सिलचर के अध्यक्ष डॉ. जॉयजीत बिस्वास रोटरी क्लब ऑफ ग्रीनलैंड सिलचर के अध्यक्ष डॉ. अमित कलवार, एनआईटी खेल इकाई पदाधिकारी, सुरक्षा अधिकारी और छात्रों के साथ-साथ चिकित्सा समुदाय के सदस्य भी शामिल थे।
टाइटन्स की सचिव सोनम जैन ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और विशेष रूप से माननीय सांसद परिमल शुक्लबैद्य का धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम में एनआईटी सिलचर के साइकिलिस्ट नंबर 7 एमोस बुआंगपुई ने विजेता के रूप में उभरकर जीत हासिल की। उन्हें समापन समारोह के दौरान सांसद परिमल शुक्लबैद्य, सिलचर टाइटन्स के अध्यक्ष अमित बरडिया और सचिव सोनम जैन द्वारा विजयी ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान किया गया।
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इस साइक्लोथॉन में लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें चार संगठनों के सदस्यों ने इस कार्यक्रम को सुचारू और सफल बनाने में योगदान दिया। अध्यक्ष अमित बरडिया ने प्रेस को बताया कि साइक्लोथॉन 4.0 का आयोजन अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच द्वारा एक ही दिन, एक ही समय पर भारत भर में 851 शाखाओं में किया गया। उन्होंने इस आयोजन में शामिल सभी संगठनों का धन्यवाद किया और विशेष रूप से सांसद परिमल शुक्लबैद्य का धन्यवाद किया, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाया।
कार्यक्रम का संयोजन गौतम सुराणा और रौनक गोलछा, विवेक मरोटी द्वारा किया गया व मायुमं, सिलचर टाइटन्स, लखीपुर, रोटरी क्लब ऑफ ग्रीनलैंड और ग्रेटर सिलचर की पूरी टीम ने पूर्ण समर्थन दिया। सोनम जैन ने अंत में सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम सभी के सहयोग से ही संभव हो पाया।

योगेश दुबे Yogesh Dubey

