काल्पनिक छवि
पढ़ाई के मामले में खरा न उतरने के कारण सिलचर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल ( एसएमसीएच ) के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। एमबीबीएस पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष की छात्र बिप्रज्योति कर उर्फ शानू (24) ने सिलचर तारापुर के शिवबाड़ी रोड रवीन्द्र सारणी स्थित अपने घर में मंगलवार रात गले में रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
आत्महत्या करने से पहले उसने अपनी मां के नाम एक सुसाइड नोट लिखा। इसमें अपनी हताशा का हवाला देते हुए अपनी मां से उसे अकेला छोड़ने के लिए माफी मांगना भी शामिल है। बिप्रज्योति ने घर से ही मेडिकल की पढ़ाई की। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, उनके पिता बेनी माधव कर की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। बिप्रज्योति मां शांतना कर के साथ रहता था।
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मंगलवार की रात उसने घर के एक कमरे के अंदर पंखे से रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। बिप्रज्योति को हाथ के इलाज के लिए बेंगलुरु जाना था। ट्रेन का समय हो रहा था, लेकिन वह जब कमरे से बाहर नहीं निकला तो, मां ने आवाज लगाई। कमरे का दरवाजा बंद था। आवाज देने पर भी बिप्रज्योति ने कोई जवाब नहीं दिया। उसने चिल्लाना शुरू किया तो आसपास के लोग आगे आ गए। सभी लोग दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो देखा कि बिप्रज्योति का शव गले में फंदे से लटक रहा था।
एक पड़ोसी ने बताया कि दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने के बाद उन्होंने लटकते शव को देखा तो लगा कि बिप्रज्योति के शरीर से सांसे पहले ही निकल चुकी हैं। लटकते शव के पास एक सुसाइड नोट भी नजर आया। इसमें लिखा था, “मां मुझे माफ कर दो, तुम्हें अकेला छोड़ रहा हूं। वह और अधिक अवसाद सहन नहीं कर सकता। मेरे सीने में बहुत दर्द हो रहा है। मैंने स्वेच्छा से आत्महत्या का रास्ता चुना। इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।
यह देखने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस घर पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। विप्रज्योति ने सुसाइड नोट में अपने डिप्रेशन की बात तो जाहिर की है लेकिन इसकी वजह नहीं लिखी है। हालाँकि मेडिकल में उनके सहपाठियों के सूत्रों के अनुसार, बिप्रज्योति ने उच्चतर माध्यमिक तक प्रभावशाली परिणाम हासिल किए, लेकिन एमबीबीएस स्तर पर वह प्रवृत्ति पूरी तरह से कायम नहीं रही। उन्हें फरवरी-मार्च में अंतिम परीक्षा में शामिल होना था।
हालांकि, वह कुछ समय के लिए उदास था क्योंकि पिछली परीक्षाओं के परिणाम माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के बराबर नहीं थे। शुरुआत में वह हॉस्टल से पढ़ाई कर रहा था. बाद में वह घर आने-जाने लगा। हॉस्टल से घर जाने के बाद उसको अपने सहपाठियों से मिलना-जुलना धीरे-धीरे कम हो गया। हाल ही में उसे क्लास में नहीं देखा गया। वह उदास रहता था, लेकिन उसके किसी भी सहपाठी ने कल्पना नहीं की थी कि वह इतना कठोर कदम उठाएगा।
दु:ख की स्थिति में कई सहपाठी इस समय सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बिप्रज्योति ने अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के अनुरूप पाठ्यक्रम चुनने में क्या गलती की। अधिकारियों ने बताया, उसने इन नोटों से आत्महत्या के संभावित प्रयास का संकेत दिया है। बरामद नोटों में पुलिस ने कहा कि अंतिम वर्ष के छात्र ने लिखा है कि उसकी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
पुलिस ने बताया कि उन्होंने मृतक छात्र के कमरे से नोट बरामद किए हैं और परिवार के सदस्यों ने लिखावट की पुष्टि की है। एक अधिकारी ने बताया, फिर भी इन नोटों की कानून के अनुसार जांच की जाएगी, लेकिन प्रथम दृष्टया साक्ष्य बताते हैं कि यह आत्महत्या का मामला है। घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे हुई और पुलिस रात करीब 10:30 बजे मौके पर पहुंची।
शव को पोस्टमार्टम के लिए एसएमसीएच भेज दिया गया है और वे मामले की जांच कर रहे हैं। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट से पता चलता है कि यह मामला आत्महत्या का है, बावजूद उन्हें आगे की जांच करनी होगी। एसएमसीएच के उसके सहपाठियों ने बताया कि मृतक छात्र बुद्धिमान था और उसने एनईईटी परीक्षा में अच्छी रैंक हासिल की थी।
Yogesh Dubey


