Monday, September 7, 2026

असम सरका ने लिए बड़े निर्णय : पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को पांच लाख का अनुग्रह राशि देगी असम सरकार, मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी, राष्ट्रद्रोह के आरोप में बरपेटा से शहीदुल इस्लाम गिरफ्तार, अब तक 43 बंदी

पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा

असम सरकार बड़े फैसले लेने के लिए जानी जाती है। असम सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए सभी लोगों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि असम मंत्रिमंडल ने पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए सभी 26 लोगों के परिजनों को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने को मंजूरी दे दी है।

वहीं भारत में पाकिस्तान का बचाव करने वाले देशद्रोहियों के खिलाफ असम सरकार द्वारा कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने सोशल एप पर 6 मई, शाम 06.30 बजे तक का अपडेट जारी की। ताजा घटना में बारपेटा से शहीदुल इस्लाम को पुलिस ने गिरफ्तार किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के साथ सहानुभूति रखने वालों पर कड़ाई से कार्रवाई की जाएगी। किसी भी देशद्रोही को बख्शा नहीं जाएगा। ताजा अपडेट में कुल 43 देशद्रोहियों को सलाखों के पीछे डाला गया है।

मुख्यमंत्री ने सोमवार देर रात तक छह घंटे तक कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस निर्णय की जानकारी  मंगलवार को मीडिया को दी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि उन्होंने पहले ही पीड़ित के परिवारों को एक छोटी सी सहायता राशि देने की घोषणा की थी। असम मंत्रिमंडल ने सोमवार रात को सहायता देने की मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि 12 मई के बाद एक-एक कैबिनेट मंत्री प्रत्येक मृतक के परिजनों से मिलेंगे। इसके साथ ही वह अपनीओर से शोक पत्र के साथ अनुग्रह राशि सौंपेंगे।

बता दें कि अनुग्रह राशि 12 मई के बाद इसलिए दी जाएगी, क्यों की असम राज्य में दो चरणों के पंचायत चुनाव हो रहे हैं। चुनाव के नतीजे 11 मई को घोषित किए जाएंगे। 11 मई तक प्रदेश में आचार संहिता लागू रहेगी। गौरतलब है कि बीते 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में आतंकियों ने 26 लोगों की जान ले ली। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा हिंदू हो कहकर गोली मार दी। इसके बाद से पूरे भारत में पाकिस्तान से बदला लेने की मांग की जाने लगी।

सरकार ने पाकिस्तान  पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। इस आतंकी हमले में पाकिस्तान की लश्कर-ए- तैयब की मुखौटा संगठन रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है।  इस आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान और आतंकियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया। इसके तहत आतंकी को पनाह देने वाले पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। इसके साथ ही चेक पोस्ट अटारी को बंद करने का फैसला लिया। पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा छूट योजना के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं देना का फैसला लिया।

फिलहाल असम में डॉ. शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार देश के खिलाफ जहर उगलने और पाकिस्तान परास्त राष्ट्रद्रोहियों के खिलाफ भी तेजी से कार्रवाई कर रही है। 40 से अधिक लोगों को अभी तक गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

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