नेशनल हाईवे की तस्वीर
सिलचर शहर में नालों से निकाली गई गंदगी को सड़क किनारे कई दिनों तक छोड़ दिया जाता है। बदबू आती है। राहगीरों और सड़क किनारे रहने वालों परिवारों को दिक्कतों के साथ – साथ बदबू से परेशान रहते हैं। मालूम हो कि सिलचर नगर पालिका क्षेत्र में कचरे की सफाई व्यवस्था अबतक ठोस नहीं हो सकी है। नालों की सफाई बाद निकाली गई गंदगी सड़क किनारे पर ही रखकर कई दिनों तक छोड़ दिया जाता है।
इसकी बदबू लोगों को नाकोंदम किए रहता है। इस तरह शहर में स्वच्छता की कमी के साथ खुले में कचरे की समस्याएं दूर नही हो पा रही है। शहर के अधिकांश हिस्सों में सड़क किनारे कचरा होने की समस्या आम बात है। इसके लिए विभागीय लापरवाही माना जाए या फिर जनता में जागरूकता का अभाव सवाल बना हुआ है। एक और समस्या आम हो गई है कि शहर के कई हिस्सों में क्षेत्र में नाला निर्माण के बाद उसे खुला छोड़ देना खतरनाक बना है।
फिलहाल जब नालों की सफाई की जाती है, तो उसमें से निकली गंदगी को सड़क किनारे ढेर कर दिया जाता है। यह गंदगी गीली होने के कारण बदबू करने लगती है, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है। जनता मूकदर्शक बनी है और संबंधित विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं, नतीजतन समस्या जस की तस बनी रहती है।
हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि नालों की सफाई बाद ऐसी स्थिति होना स्वाभाविक है। जब तक कचरा थोड़ा सुख नहीं जाता उसे हटा पाना सहज नहीं। बरसात का समय है, जल निकासी हेतु नालों का साफ़ रहना ज़रूरी है, किन्तु नालों से निकाली गई गंदगी को कई दिनों तक छोड़ देना भी बीमारी का आमंत्रण भी है।


