- 16 दिन हो गए, 12 दिन में वैली ब्रिज बनने की बात थी
टीएमसी राज्यसभा सांसद सुष्मिता ने हारंग नदी अब तक वैली ब्रिज नहीं बनने पर चिंता व्यक्त करते हुए तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि भांगरपार में हारंग नदी पर कब वैली ब्रिज कब बनेगा ? पुल को टूटे 16 दिन हो गए, 12 दिन में वैली ब्रिज बनने की बात थी।
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बराक घाटी के दो मंत्री, कौशिक राय व कृष्णेंदु पाल, पुल टूटने के बाद दौरा किया और स्थानीय जनता को भरोसा दिलाया था कि जल्द वैली ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा। बांस का पुल भी बना था वह भी नदी ने अपने तेज बहाव में ले गया। राज्य के दो प्रभावशाली मंत्री, पीयूष हज़ारिका और जयंतमल्ल बरुआ, बराक घाटी में अभिभावक मंत्री है।
संबंधित विभाग, जिला प्रशासन ग्रामीणों की हो रही परेशानी को कब समझेंगे। मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के नौका सेवा उपलब्ध न होने पर भी सवाल किए। ग्रामीणों को अपने जेब से दस रुपए व्यय कर नदी पार करना पड़ रहा। नौका से पार करते समय कोई अनहोनी हो गया, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा।
मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा पर भी निशाना साधा। मालूम हो कि सिलचर कलाइन मार्ग के बीच हारंग नदी पड़ता है। 16 दिन पहले दो ओवरलोड ट्रक एक साथ पुल से गुजर रहे थे, जब हारंग पुल ढह गया था। टीएमसी राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि मानसून के समय बराक घाटी की परेशानी बढ़ जाती है।
बाढ़, भूस्खलन व अन्य घटनाओं की वजह से सड़क, रेल संपर्क से कट जाते हैं। बराक घाटी के लोग भुक्तभोगी है। वर्तमान में हम वैकल्पिक मार्ग पर निर्भर है। रेल सेवा भी प्रकृति भरोसे है। सुष्मिता देव ने कहा कि भांगरपार पहुंच कर वास्तविक स्थित की जानकारी ली।


