Saturday, April 18, 2026

सिलचर सांसद परिमल शुक्लबैद्य ने दिल्ली और सिलचर के बीच सीधी उड़ान सेवा की मांग उठाई

  • संसद में बराक घाटी की जरूरतें जोरदार ढंग से उठी 

असम की बराक घाटी की एक लंबे समय से चली आ रही मांग बुधवार को भारतीय संसद में जोरदार ढंग से उठी। सिलचर सांसद परिमल शुक्लबैद्य ने संसद सत्र में सिलचर और दिल्ली के बीच सीधी उड़ान सेवा की पुरजोर मांग करते हुए केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।

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नागरिक उड्डयन मंत्री को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि यह उड़ान सेवा सिर्फ़ एक मांग नहीं है, बल्कि यह जन सुविधा, क्षेत्रीय संतुलन और राष्ट्रीय एकता का प्रश्न है। वर्तमान में, सिलचर से दिल्ली जाने के लिए यात्रियों को कोलकाता या गुवाहाटी होते हुए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।

सांसद परिमल के अनुसार, यह सुविधा न होने से यात्रा करने वाले छात्रों, मरीजों, सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों और पर्यटकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संसद को बताया, यह सिर्फ़ सुविधा का प्रश्न नहीं है, बल्कि यह एक वैध अधिकार है। सांसद परिमल ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि सिलचर एकमात्र प्रमुख शहर है जो मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय के कुछ हिस्सों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है, और इस स्थान पर दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी का अभाव पूरे पूर्वोत्तर के विकास में बाधा बन रहा है।

उन्होंने कहा, “यदि यह सेवा शुरू हो जाती है, तो इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और प्रशासनिक समन्वय पर भी प्रभाव पड़ेगा। केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “इस परियोजना का वास्तविक उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों तक हवाई संपर्क का विस्तार करना है। सिलचर-दिल्ली सीधी उड़ान उस उद्देश्य की पूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सांसद ने परिमल के इस कड़े रुख ने पूर्वोत्तर के परिवहन ढांचे और दूरदराज के क्षेत्रों को देश की मुख्यधारा से जोड़ने के महत्व को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। संसद में उनकी पहल ने नई उम्मीद जगाई है कि सिलचर के लोगों को जल्द ही दिल्ली के लिए बहुप्रतीक्षित सीधी उड़ान सेवा मिल सकती है। मालूम हो कि सांसद परिमल जब इस मुद्दे को उठा रहे थे, तब अध्यक्ष सीट पर पीठासीन के रूप में दिलीप सैकिया बैठे हुए थे।

सांसद परिमल ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि अध्यक्ष सीट पर विराजमान सैकिया असम प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी है और वह बराक घाटी की ज्वलंत समस्याओं से भली भांति परिचित है। मानसून में बराक घाटी के लोगों का बुरा हाल हो जाता है। भूस्खलन की घटनाओं से गुवाहाटी और देश के अन्य हिस्सों से कट जाते है।

सिलचर से एयरलाइंस सेवा के बंद के मुद्दे को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ाया। देश की संसद में सांसद परिमल ने कनेक्टिविटी के मुद्दे पर प्रश्न कर बराक घाटी की बड़ी मांग को सरकार तक पहुंचाने का काम किया है। ज्ञातव्य हो कि सांसद परिमल की इस भूमिका से बराक घाटी के लोग खुश है। लोगों का मानना है कि सांसद ने बराक घाटी की आवाज को केंद्र तक पहुंचाने का काम किया है। एक सांसद को जो करना चाहिए वह कार्य परिमल ने किया है।

योगेश दुबे पूर्वोत्तर हलचल 

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