Saturday, April 18, 2026

सिलचर में भोजपुरी कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन संपन्न, भोजपुरी भाषा, साहित्य, और संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन पर जोर 

  • डॉ. संतोष चतुर्वेदी, रितेश चौबे, बिंदु सिंह की रचनाओं में गांव का दर्शन और विलुप्त हो रही प्रथाओं और किसानों की पीड़ा दिखाई दी। राजदीप राय, मनीष पांडेय और हरिलाल यादव ने व्यंग्य एवं सामाजिक कुरीतियों पर आधारित कविताओं को सुनाया। योगेश दुबे “विभु’, और जय प्रकाश ग्वाला ने हास्य कविताओं से श्रोताओं को खूब हंसाया।

सिलचर में एक अनोखा पहल करते हुए बराक वार्ता हिंदी न्यूज चैनल द्वारा भव्य भोजपुरी सम्मेलन का आयोजन किया। स्थानीय कवियों को तरजीह दी गई। संजीव सिंह के संयोजन और चंद्र कुमार ग्वाला के कुशल संचालन में भोजपुरी कवि सम्मेलन कराने की पहल सफल रहा।

डॉ. संतोष चतुर्वेदी, मनीष पांडेय, श्रीमती बिंदु सिंह, राजदीप राय, योगेश दुबे “विभु’, जय प्रकाश ग्वाला, हरिलाल यादव, रितेश चौबे, सुषमा यादव सहित अन्य कवियों ने हिस्सा लेते हुए अपनी रचनाओं में श्रोताओं को भोजपुरी भाषा और कला संस्कृति के करीब लाने का काम किया।

यह आयोजन भोजपुरी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। यही नहीं भोजपुरी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर भी था, जहां साहित्य, कला और संस्कृति का संगम देखने को मिला। डॉ. संतोष चतुर्वेदी, राजदीप राय, रितेश चौबे, बिंदु सिंह की रचनाओं में गांव का दर्शन और विलुप्त हो रही प्रथाओं और किसानों की पीड़ा दिखाई दी।

राजदीप राय, मनीष पांडेय और हरिलाल यादव ने व्यंग्य एवं सामाजिक कुरीतियों पर आधारित कविताओं को सुनाया। योगेश दुबे “विभु’, और जय प्रकाश ग्वाला ने हास्य कविताओं से श्रोताओं को खूब हंसाया। लगभग दो घंटे तक चले कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भोजपुरी भाषा, साहित्य, और संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया। इसके पूर्व कवि सम्मेलन की शुरुआत समाजसेवी सुवचन ग्वाला, भोला यादव की विशेष उपस्थिति में दीप प्रज्वलित, सुषमा यादव द्वारा सरस्वती वंदना पाठ और प्रियल सिंह द्वारा गणेश वंदना नृत्य प्रस्तुति से हुई।

बराक वार्ता के संपादक संजीव सिंह, आयोजन समिति में प्रमुख सदस्य तापस नाथ, अंबिका सिंह ने आमंत्रित सम्मानित अतिथियों और कवियों का चन्दन तिलक लगाकर अंग वस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि बराक वार्ता ने अपने 27वें वर्षपूर्ति के उपलक्ष्य पर दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। भोजपुरी कवि सम्मेलन भी इस कार्यक्रम का एक हिस्सा था। विभिन्न प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और चर्चा सभा का भी आयोजन किया गया।

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