- पुलिस अधिकारी का रूप धारण कर लखीपुर थाना अंतर्गत रूपाईबाली में बड़ी संख्या में लोगों से असम पुलिस में ड्राइवर के रूप में नौकरी दिलाने का झूठा झांसा देकर धोखे से पैसे वसूले है
असम पुलिस का एक फर्जी सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार हुआ है। पुलिस की वर्दी में उसका रुतबा था। ग्रामीण बेरोजगारों को शिकार बनाता और नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से मोटी रकम ऐंठता। विगत कई वर्षों से पुलिस की नज़र से बचता चला आ रहा था, आखिरकार कानून की पकड़ में आ गया।
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आरोपी का नाम समीद हुसैन बरभुईया है, वह कलाइन के खेलमा चतुर्थ खंड का निवासी है। इस फर्जी एसआई के शिकार पीड़ित युवकों अथवा उनके परिजनों ने पुलिस से मदद की गुहार लगाईं थी। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नुमाल महत्ता ने इस मामले को तत्काल गंभीरता से लिया और आरोपी की धर पकड़ के लिए अभियान चलाया। पकड़ने के लिए जाल बिछाया और कछार पुलिस को उसे पकड़ने में कामयाबी मिली।
पुलिस अधीक्षक श्री महत्ता ने बताया कि आरोपी समीद हुसैन बरभुईया फर्जी पुलिस अधिकारी के रूप में परिचय बना रखी थी। बाकायदा वह वर्दी भी अपने नाम पर बना रखी थी। वह एक फर्जी पुलिस है, इसकी भनक तक वर्षों तक किसी को लगने नहीं दी। पुलिस अधिकारी का रूप धारण कर लखीपुर थाना अंतर्गत रूपाईबाली में बड़ी संख्या में लोगों से असम पुलिस में ड्राइवर के रूप में नौकरी दिलाने का झूठा झांसा देकर धोखे से पैसे वसूले है।
काटिगोरा के कलाइन पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ ( मुकदमा संख्या 88/2025 के तहत धारा 319(2)/318(2)/316(2)/112(2) बीएनएस के तहत ) मामला दर्ज किया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्राप्त जानकारी अनुसार कई वर्ष पहले भी यह व्यक्ति असम पुलिस का फर्जी डीएसपी के रूप में पकड़ा गया था। य
ही नहीं कभी नकली डॉक्टर, तो कभी कुछ और बन लोगों से ठगी करने का एक माध्यम बना लिया है। फिलहाल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। कई पीड़ित लोग उनके संपर्क में है, जनसे इसने मोटी रकम लिया है। जांच जारी है।


