- सुरेंद्र प्रसाद सिंह उधारबंद सीट से दो बार लड़ चुके है चुनाव
वर्ष 2026 में असम विधानसभा चुनाव होना है। राज्य में डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। पार्टी बहुत एडवांस है। पंचायत चुनाव में बफर जीत और जिला परिषद में बोर्ड गठन बाद आगामी चुनावों पर अभी से फोकस करना शुरू कर दिया है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर दिखाई दे पड़ रहे। जनता के बीच पहुंचकर संवाद स्थापित कर भाजपा को आगामी चुनावों में मज़बूती प्रदान में अपनी भूमिका निभा रहे।
इस क्रम में एक नाम सुरेंद्र प्रसाद सिंह का भी है। सुरेंद्र प्रसाद सिंह 1991 में भाजपा से जुड़े और अब तक पार्टी के लिए काम कर रहे। उधारबंद विधानसभा क्षेत्र से पार्टी निर्देश पर वह दो बार, वर्ष 2006 और वर्ष 2011 ( असम विस चुनाव ) में, विधायकी चुनाव लड़ चुके है। वर्तमान में वह कछार भाजपा कमिटी में सदस्य है। बोड़जालिंगा मंडल के प्रभारी है। संघ के स्वयंसेवक भी रह चुके है। बराक हिंदी साहित्य समिति में दो बार उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्तमान में आजीवन सदस्य है।
सुरेंद्र प्रसाद सिंह से उक्त संवाददाता ने जब बात की, तो उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा, देश के भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उप – प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी सहित सम्मानीय नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री कबिन्द्र पुरकायस्थ से प्रभावित होकर पार्टी में आए और आज तक काम जुड़े है। भाजपा में सामान्य कार्यकर्ताओं का भी सम्मान है। समय – समय पर उन्हें उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई। सभी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाने का प्रयास उन्होंने किया।
इसके अलावा जो भी पद दिए गए, उसका सम्मान उन्होंने रखा है। एक आम कार्यकर्ता होने के नाते पार्टी ने दो मर्तबा चुनाव लड़ाया, वह स्वीकार्य करते हुए लड़े। ऐसे समय में चुनाव लड़े, जब उधारबन्द में पार्टी संगठन बहुत अधिक मज़बूत नहीं था। वर्तमान में भाजपा बहुत अधिक मज़बूत स्थिति में है। मज़बूत स्थिति में पहुंचाने पार्टी में कार्यकर्ताओं और वह स्वयं भी लगातार लगे हुए हैं।
मालूम हो कि उधारबंद क्षेत्र में भाजपा विभिन्न चुनौतियों से संघर्ष करते हुए जनता के बीच राष्ट्रवादी विचारधारा, जनमुद्दों और विकास की तवज्जो के बल पर अपने को स्थापित कर पाई है। 1991 में बेनी माधव दास, 1996 में द्वारिका प्रसाद यादव, 1998 के उप – चुनाव में स्व. प्रमिला गोस्वामी ने पार्टी टिकट पर चुनाव लड़कर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता की आवाज को बुलंद किया।
अगप से छोड़कर आए स्व. जय प्रकाश तिवारी भी भाजपा से किस्मत आजमा चुके है। वर्तमान विधायक मिहिर कांति सोम है, वह दूसरी बार जीतकर इस क्षेत्र के लिए प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आगामी चुनाव में कौन उम्मीदवार होगा यह तो पार्टी ही बता सकती है, लेकिन टिकट की दावेदारी की दौड़ में फिलहाल एक नाम सुरेंद्र प्रसाद सिंह का भी है।
उधारबंद से प्रियव्रत की रिपोर्ट


