Sunday, September 6, 2026

गरीब असहाय परिवार का मुख्यमंत्री से गुहार, उनकी पैतृक भूमि खोने से बचा दे, कुछ लोग जबरन कब्जाने का कर रहे प्रयास

  • पीड़ित परिवार ने कहा, उन्हें डराया – धमकाया जा रहा

कछार जिले के बड़खोला विधानसभा क्षेत्र के चेंगदुआर जीपी ( एलगिंग ब्रिज के नजदीक) इलाके के ग्राम पंचायत तथा उनके सहयोगियों पर स्थानीय एक परिवार ने उनकी पैतृक जमीन जबरन कब्ज़ा करने का आरोप लगाया है। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा से इस मामले में मदद की गुहार लगाईं है।

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लगभग 80 वर्षीय महिला कलावती सिंह क्षत्रिय, जो मूलतः चाय बागानी परिवार है, और उनका परिवार अपने को असहाय बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा तथा मंत्री कौशिक राय से स्थानीय दबंगों से उनकी भूमि और जान बचाने की अपील की।मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत में पीड़ित परिवार ने अपनी व्यथा व्यक्त की। हालांकि जिन पर आरोप लगे है उनका पक्ष भी जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।

यद्यपि सरकार ने ज़मीन हड़पने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, फिर भी ग्रामीण कछार के विभिन्न इलाकों में आम मेहनतकश लोगों की ज़मीन पर जबरन कब्जा जारी है। इसका एक ज्वलंत उदाहरण कछार जिले की चेंगदुआर ग्राम पंचायत है। एक प्रभावशाली व्यक्ति पर एक बेहद गरीब परिवार की ज़मीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगा है। आरोप है कि चेंगदुआर ग्राम पंचायत की ग्राम पंचायत अध्यक्ष अनुराधा दास के भतीजे और कुछ स्थानीय सहयोगी इलाके में जगदीश सिंह क्षत्रिय की 27 बीघा ज़मीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे है।

दो दिन पहले बुधवार को पीड़िता कलावती के भतीजे जगदीश सिंह क्षत्रिय और उनकी पत्नी सुकुमणि ने मीडिया को बताया कि ग्राम पंचायत अध्यक्ष अनुराधा दास और उनके भतीजे मृणाल दास ने निबरन दास, कृपेश सरकार और सतीश दास के साथ मिलकर ज़मीन कब्जाने और मत्स्य पालन खेत को नष्ट कर दीं।जब इस घटना का विरोध किया गया तो पीड़ित जगदीश सिंह क्षत्रिय और उनके परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि जबरन जमीन हड़पने वाले लोग लाचार परिवार को लाठी-डंडों से धमकाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

पीड़ित परिवार ने कहा कि जमीन हड़पने की कोशिश करने वाले कह रहे मंत्री कौशिक राय से उनका अच्छा रिश्ता है, ऐसे में ऊपर लेबल तक उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मंत्री कौशिक रॉय के नाम पर पिछले एक महीने से जबरन जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे थे. मामला मंत्री कौशिक रॉय के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने पीड़ित परिवार को मंडल अध्यक्ष संजीव देव से मिलने की सलाह दी. और मंत्री की सलाह पर पीड़ित जगदीश सिंह क्षत्रिय का परिवार 6 सितंबर को दामछोरा में मंडल अध्यक्ष संजीत देव के घर गया और संजीत देब ने वहां 30/40 लोगों के साथ एकतरफा बैठक की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

अगली सुबह, जीपी अध्यक्ष अनुराधा दास और उनके करीबी दोस्त मृणाल दास ने जगदीश सिंह क्षत्रिय की जमीन पर जबरन मछली पकड़ना शुरू कर दिया उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा सहित स्थानीय प्रशासन का ध्यान सत्ता का प्रयोग कर 27 बीघा जमीन पर जबरन कब्जे के संबंध में आकर्षित किया है। हालांकि जिन पर जमीन कब्जाने का आरोप लग रहे उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए पूर्वोत्तर हलचल ने संपर्क करने का प्रयास किया है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक बातचीत नहीं हो पाई है।

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