- बीएसएफ कर्मियों ने कथित तौर पर भारतीय सीमा क्षेत्र में लगाए गए बांस की बाड़, अस्थायी शेड और अन्य अस्थायी ढांचों को हटा दिया।
- सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेशी नागरिक कथित तौर पर सुरमा नदी के पास की ज़मीन पर सब्जियां उगाने के लिए भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे।
- वायरल वीडियो
वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें बांग्लादेशी नागरिक बीएसएफ जवानों को पकड़ लेने और चले जाने की धमकी दे रहे हैं।
श्रीभूमि क्षेत्र में भारत-बांग्लादेश सीमा पर उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिकों के एक समूह ने भांगा-हरिनगर सेक्टर के पास सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों से टकराव करने का प्रयास किया। रिपोर्टों के अनुसार, जिस जगह यह घटना घटी यह असम के कछार और श्रीभूमि दोनों जिले बांग्लादेश के सिलहट जिले से सटा क्षेत्र है।

घटना बांग्लादेश की तरफ से जाकीगंज उप – जिला के मानिकपुर यूनियन के वार्ड संख्या 9 के अंतर्गत रसूलपुर क्षेत्र में हुई। सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक कथित तौर पर सुरमा नदी के पास की ज़मीन पर सब्जियां उगाने के लिए भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे। बीएसएफ की 170वीं बटालियन की एक टीम ने उनकी गतिविधि को देखते हुए, उस क्षेत्र का दौरा किया और चल रहे कृषि कार्य पर आपत्ति जताई। बीएसएफ कर्मियों ने कथित तौर पर ज़मीन पर लगाए गए बांस की बाड़, अस्थायी शेड और अन्य अस्थायी ढांचों को हटा दिया।
जिस जगह घटना घटी, वहाँ की गूगल मैप

कथित तौर पर इस कार्रवाई से बांग्लादेशी नागरिक नाराज़ हो गए और बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर बीएसएफ से भिड़ गए। उन्होंने भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ गालियाँ और नारे लगाए। इसके तुरंत बाद, बड़ी संख्या में निवासी सीमा के बांग्लादेशी हिस्से में इकट्ठा हो गए और भारत विरोधी नारे लगाने लगे। बांग्लादेश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे पोस्ट की बाढ़ आ गई जिनमें दावा किया गया कि बीएसएफ बांग्लादेशी क्षेत्र में घुस आई है।

कुछ यूज़र्स ने इस तरह के “अतिक्रमण” दोबारा होने पर जवाबी कार्रवाई की मांग की। उकसावे के बावजूद, बीएसएफ के जवान बिना पीछे हटे अपनी स्थिति पर डटे रहे और यह सुनिश्चित किया कि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो। घटना के बाद, तनाव कम करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच कमांडेंट स्तर की एक फ्लैग मीटिंग हुई। दोनों पक्षों ने कथित तौर पर तनाव को और बढ़ने से रोकने और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर शांति बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।
हालांकि, जाकीगंज के मानिकपुर सीमा क्षेत्र से मिली रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि स्थानीय बांग्लादेशी निवासी तनाव बढ़ा रहे हैं और क्षेत्र में जमावड़े और भारत विरोधी बयानबाजी जारी है। दोनों देशों के अधिकारी संवेदनशील सीमा पर शांति भंग होने से रोकने के लिए स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कुछ बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा सीमा पार करने और भारतीय क्षेत्र पर दावा करने की कोशिश के बाद सीमा पर बीएसएफ कर्मियों और बांग्लादेशी नागरिकों के बीच बहस हुई।

उन्होंने भारतीय ज़मीन पर खेती करने की कोशिश की। नदी का पानी कम होने के बाद, ज़मीन दिखाई देने लगी और बांग्लादेश की तरफ़ से लोग यहाँ आकर इसे अपना बताने लगे। उन्होंने आगे कहा, यह एक ज़ीरो लाइन क्षेत्र है और भारत का हिस्सा है। यह नदी से सटी सीमा है, और इसलिए ऐसी समस्याएं पैदा होती हैं। उन्होंने जमीन पर दावा किया है; हमारे बीएसएफ ने भी जवाबी दावा किया है। सोमवार को भी बीजीबी के साथ एक फ्लैग मीटिंग हुई है।
बीएसएफ, मिजोरम कछार फ्रंटियर के अधिकारियों ने तथ्यों के साथ अपनी बात रखी। गूगल मैप के जरिए भी समझाया गया। सूखे के मौसम में नदी का पानी घट जाता है। ऐसे में नदी किनारे काफी जमीन निकल आता है। बांग्लादेशी नागरिक इन जमीनों पर खेती करने का प्रयास करते है। बीएसएफ के टोकने के बाद भी सीमा पार के नागरिक अपने देश की जमीन बताकर भारतीय जवानों के साथ बुरा व्यवहार करते है।फिलाहल फ्लैग मीटिंग में बांग्लादेशी फौज बीजीबी भी मान गई। बातचीत से मामला सुलझ गया। बीएसएफ के मुताबिक फिलहाल सीमा पर स्थिति शांतिपूर्ण है।
न्यूज रिपोर्ट – योगेश दुबे


