- केंद्रीय हिंदी संस्थान शिलांग क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक रहे बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित
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सिलचर। बराक हिंदी साहित्य समिति ने एक विशेष काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। समिति के अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित काव्य गोष्ठी में केंद्रीय हिंदी सस्थान, शिलांग के क्षेत्रीय निदेशक प्रो. डॉ. पार्थ सारथी पांडेय बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। इस मौके पर असम विश्वविद्यालय, सिलचर राजभाषा अधिकारी डॉ सुरेंद्र कुमार उपाध्याय, समिति के महासचिव प्रदीप कुमार कुर्मी मंच पर आसीन रहे। कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ से हुआ।

दीप प्रज्वलन के बाद अतिथियों का अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया। डॉ रीता सिंह यादव, डॉ सुरेंद्र कुमार उपाध्याय, जयप्रकाश ग्वाला, बाबुल नारायण कानू, कमला सोनार, चंद्रशेखर ग्वाला ने कविता पाठ किया। काव्य गोष्ठी का संचालन योगेश दुबे ने किया। इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष दुर्गेश कुर्मी, संयुक्त सचिव युगल किशोर त्रिपाठी, कार्यालय सचिव प्रमोद जायसवाल, क्रीड़ा एवं संस्कृति सचिव कमला सेोनार, कार्यकारिणी सदस्य बाबू नारायण कानू, श्रीमती सविता जायसवाल, श्रीमती किरण त्रिपाठी, लालन प्रसाद ग्वाला सहित संजीव कानू आदि की उपस्थिति रही। इसके पूर्व अध्यक्ष गोस्वामी ने समिति की साहित्यिक गतिविधियों, हिंदी की प्रचार – प्रसार, हिंदी की सेवा, विविध पतियोगिताएं के संबंध में प्रकाश डाला। विविध चुनौतियां होने के बावजूद समिति द्वारा समर्पित भाव से हिंदी की सेवा जारी है।

केंद्रीय हिंदी संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक प्रोफेसर पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी के क्षेत्र में भविष्य बनाने के पर्याप्त संभावनाएं हैं। पूर्वोत्तर भारत के युवा हिंदी पढ़ ले, तो उन्हें अपने भविष्य को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। विश्व पटल पर हिंदी दूसरी सबसे बड़ी भाषा बनने की दिशा में अग्रसर है। केंद्रीय हिंदी संस्थान के बारे में उन्होंने विविध जानकारी साझा की। कई अन्य विषयों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।

