- यह उन्नत सर्जिकल प्लेटफॉर्म हाई-डेफिनिशन थ्री-डायमेंशनल विजुअलाइजेशन को फ्लोरेसेंस-गाइडेड इमेजिंग के साथ जोड़ता है, जिससे सर्जन जटिल गायनेकोलॉजिकल प्रक्रियाओं के दौरान नाजुक शारीरिक संरचनाओं को उल्लेखनीय स्पष्टता के साथ देख पाते हैं।
गुवाहाटी। घर के करीब विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए नेवटिया भागीरथी वुमन एंड चाइल्ड केयर सेंटर (NBWCCC), गुवाहाटी ने अपने उन्नत लैप्रोस्कोपिक प्रोग्राम को उन्नत 3डी फ्लोरेसेंस इमेजिंग तकनीक के साथ सशक्त बनाया है। इससे पूर्वोत्तर भारत की महिलाओं के लिए प्रिसिजन-गाइडेड न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी का एक नया युग शुरू हो गया है। यह उन्नत सर्जिकल प्लेटफॉर्म हाई-डेफिनिशन थ्री-डायमेंशनल विजुअलाइजेशन को फ्लोरेसेंस-गाइडेड इमेजिंग के साथ जोड़ता है, जिससे सर्जन जटिल गायनेकोलॉजिकल प्रक्रियाओं के दौरान नाजुक शारीरिक संरचनाओं को उल्लेखनीय स्पष्टता के साथ देख पाते हैं। यह तकनीक सर्जिकल प्रिसिजन बढ़ाती है, मरीज की सुरक्षा में सुधार करती है, स्वस्थ ऊतकों को संरक्षित रखती है तथा कम पोस्ट-ऑपरेटिव असुविधा के साथ तेज रिकवरी का समर्थन करती है।
मरीजों के लिए मुख्य लाभ में अधिक सटीक सर्जरी, सुरक्षित उपचार, छोटे कट, कम दर्द और न्यूनतम निशान, सर्जरी के दौरान कम रक्तस्राव, तेज रिकवरी, अस्पताल में कम दिन रहना, सामान्य दैनिक जीवन में जल्दी वापसी तथा जटिल गायनेकोलॉजिकल सर्जरी में बेहतर परिणाम शामिल हैं। यह पहल अस्पताल की मार्गदर्शक फिलॉसफी—टेक्नोलॉजी। प्रिसिजन। कम्पैशन।—को दर्शाती है।
लॉन्च के अवसर पर डॉ. यशोधन डेका, सीनियर कंसल्टेंट – ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी तथा एडवांस्ड लैप्रोस्कोपिक सर्जन ने कहा, “तकनीक ने न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी करने के तरीके को बदल दिया है। बेहतर थ्री-डायमेंशनल विजुअलाइजेशन और फ्लोरेसेंस-गाइडेड इमेजिंग हमें सबसे जटिल प्रक्रियाओं को भी अधिक आत्मविश्वास और सटीकता के साथ करने में सक्षम बनाती है। इसका परिणाम सुरक्षित सर्जरी, स्वस्थ ऊतकों का बेहतर संरक्षण, कम जटिलताएँ और तेज रिकवरी है। पूर्वोत्तर भारत की महिलाएँ अब इस स्तर की उन्नत देखभाल घर के बहुत करीब प्राप्त कर सकती हैं।”
डॉ. ज्योतिर्मय दास ने जल्दी निदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कई महिलाएँ लक्षणों को नजरअंदाज करती रहती हैं। उन्नत तकनीक के साथ विशेषज्ञ देखभाल से छोटे चीरे, कम दर्द और तेज रिकवरी का लाभ मिलता है। डॉ. जयदीप पाल ने बताया कि आधुनिक गायनेकोलॉजिकल सर्जरी अधिकतम सटीकता और न्यूनतम आघात के साथ इलाज करने के बारे में है।
डॉ. अंशु मलिक, फैसिलिटी डायरेक्टर ने कहा कि असम और पूर्वोत्तर की महिलाएँ क्षेत्र छोड़कर बाहर गए बिना अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्जिकल देखभाल प्राप्त कर सकेंगी। अस्पताल उन्नत तकनीकों में निवेश जारी रखेगा।
यह प्रोग्राम गर्भाशय फाइब्रॉइड्स, ओवेरियन सिस्ट, एंडोमेट्रियोसिस, एडेनोमायोसिस, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी, इनफर्टिलिटी से जुड़े विकार, टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी तथा अन्य जटिल बेनाइन गायनेकोलॉजिकल रोगों के प्रबंधन में सहायता करेगा। AESCULAP Einstein Vision® 3.0 FI प्लेटफॉर्म अस्पताल की यात्रा में एक और मील का पत्थर है। लगभग 25 वर्षों की उत्कृष्टता के साथ यह केंद्र क्षेत्र में महिलाओं की स्वास्थ्य सेवा का प्रमुख गंतव्य बना हुआ है।

