- बीएसएफ – पुलिस संयुक्त अभियान में चार बदमाशों को किया गया गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
भारतीय सीमा के अंदर घुसपैठ कराने के मकसद के साथ अब बांग्लादेश की पुलिस भी उतर गई है। बांग्लादेश के कथित बदमाश बांग्लादेशी पुलिस की मदद से भारतीय सीमा में घुसकर भारतीय ग्रामीणों पर जानलेवा हमले भी कर रहे है। आलम है कि आपराधिक घटनाओं, तस्करी और घुसपैठ की घटनाओं को अंजाम देने के प्रयास लगातार किए जा रहे।
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विरोध किए जाने पर भारतीय ग्रामीणों पर हमले किए जा रहे। इस क्रम में मेघालय से एक बड़ा मामला सामने सामने आया है। मेघालय में संदिग्ध बंगलादेशी पुलिसकर्मियों और अपराधियों ने भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर मेघालय के दक्षिण-पश्चिम खासी हिल्स जिले में भारतीय ग्रामीणों पर हमला करने का बड़ा मामला सामने आया है। इस हमले में एक व्यक्ति जख्मी हो गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीमा उल्लंघन की यह घटना कल भारत-बांग्लादेश सीमा पर नोंगजरी-नोंगहिलम क्षेत्र के अंतर्गत रोंगडोंगई गांव में हुई।
बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और मेघालय पुलिस द्वारा चलाए एक संयुक्त अभियान में चार बदमाश पकड़ लिए गए है। बीएसएफ के मेघालय फ्रंटियर के डीआईजी पीआरओ के मुताबिक दो अलग – अलग जगहों से चार लोग पकड़े गए हैं। उनकी तस्वीर और वीडियो किए गए। हालांकि इस गिरोह बांग्लादेशी पुलिस की संलिप्तता पर डीआईजी ने कहा है ऐसा प्रतीत नहीं होता कि सभी बांग्लादेशी नागरिक ही हैं, हालाँकि सभी एजेंसियों द्वारा पूछताछ के बाद ही इसकी पुष्टि होगी। प्राप्त जानकारी अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक व्यक्ति पर हमला किया और उसे चाकू मार दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 1 बजे, लगभग नौ बांग्लादेशी नागरिकों का एक समूह, जो कथित तौर पर बंदूक समेत कई हथियारों से लैस थे, अवैध रूप से मेघालय की सीमा पार कर आए। बांग्लादेशी गिरोह ने कथित तौर पर पीड़ित, जिसकी पहचान बलसरंग ए. मराक के रूप में हुई है, पर हमला किया और चाकू मार दिया, संभवतः तब जब उसने उनकी आवाजाही रोकने की कोशिश की थी। हमले के बाद, बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हालांकि गिरोह आसपास के इलाके से भागने में कामयाब रहा, लेकिन वे अभी तक बांग्लादेश वापस नहीं गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सुबह-सुबह आस-पास कुछ लोगों को देखा, लेकिन उन्हें तुरंत शक नहीं हुआ कि वे हथियारबंद गिरोह हैं। पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि हमलावर बांग्लादेशी पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से संचालित किसी आपराधिक गिरोह के सदस्य हो सकते हैं, क्योंकि अधिकारियों ने घटनास्थल से बांग्लादेश पुलिस का एक पहचान पत्र बरामद किया है।
सूत्रों को पूरा संदेह है कि गिरोह स्थानीय लोगों का अपहरण करके फिरौती वसूलने के इरादे से मेघालय में घुसा था, क्योंकि उनके पास अत्याधुनिक हथियार, वॉकी-टॉकी और चार्जर जैसे उपकरण मौजूद थे। ग्रामीणों ने हमलावरों द्वारा छोड़ी गई कई चीज़ें भी बरामद कीं, जैसे बांग्लादेश पुलिस का पहचान पत्र तथा बांग्लादेशी मुद्रा, जिन्हें पुलिस ने सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है।
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